SSB Interview In Hindi:2026

भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अधिकारी बनने के लिए SSB (Service Selection Board) चयन प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक है। इस प्रक्रिया के माध्यम से उम्मीदवारों की नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व, निर्णय लेने की योग्यता और Officer Like Qualities (OLQs) का मूल्यांकन किया जाता है।
इस लेख में SSB चयन प्रक्रिया, विभिन्न परीक्षणों, OLQs, मेडिकल परीक्षा, मेरिट लिस्ट और तैयारी के महत्वपूर्ण सुझावों की पूरी जानकारी दी गई है।
एसएसबी (SSB) क्या है और यह क्यों जरूरी है?
भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अधिकारी बनने का सपना सिर्फ लिखित परीक्षा पास करने से पूरा नहीं होता।
एक अच्छे सैन्य अधिकारी में ज्ञान के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, जिम्मेदारी, टीमवर्क और कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की योग्यता भी होनी चाहिए।
इन्हीं गुणों की पहचान करने के लिए एसएसबी (SSB) चयन प्रक्रिया आयोजित की जाती है।
यही कारण है कि NDA, CDS, AFCAT, TES और अन्य अधिकारी प्रवेश योजनाओं में लिखित परीक्षा के बाद उम्मीदवारों को SSB के लिए बुलाया जाता है।
एसएसबी (SSB) का अर्थ क्या है?
SSB का पूरा नाम Service Selection Board (सर्विस सिलेक्शन बोर्ड) है। यह “भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना” के लिए अधिकारी स्तर के उम्मीदवारों का चयन करने वाला बोर्ड है।
हालांकि तीनों सेनाओं में चयन बोर्डों के नाम अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य एक ही होता है—ऐसे उम्मीदवारों का चयन करना जिनमें Officer Like Qualities (OLQs) मौजूद हों।
- भारतीय सेना (Indian Army) – Service Selection Board (SSB)
- भारतीय नौसेना (Indian Navy) – Naval Selection Board (NSB)
- भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) – Air Force Selection Board (AFSB)
इन सभी चयन बोर्डों में उम्मीदवारों का मूल्यांकन मनोवैज्ञानिक परीक्षणों, समूह गतिविधियों, व्यक्तिगत साक्षात्कार और विभिन्न व्यवहारिक परीक्षणों के माध्यम से किया जाता है।
एसएसबी क्यों जरूरी है?
एक सैन्य अधिकारी का कार्य केवल आदेशों का पालन करना नहीं, बल्कि लोगों का नेतृत्व करना, कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेना और राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाना होता है। इन गुणों को केवल लिखित परीक्षा के अंकों से नहीं परखा जा सकता।
सरल शब्दों में, लिखित परीक्षा यह बताती है कि उम्मीदवार क्या जानता है, जबकि SSB यह बताती है कि उम्मीदवार वास्तव में कैसा व्यक्ति है और क्या वह भविष्य में एक सफल सैन्य अधिकारी बन सकता है।
SSB का महत्व (Importance of SSB)
SSB (Service Selection Board) भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी बनने की चयन प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण चरण है।
SSB का उद्देश्य
इसका उद्देश्य केवल उम्मीदवार के ज्ञान की जांच करना नहीं, बल्कि उसके व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता, आत्मविश्वास, टीमवर्क और Officer Like Qualities (OLQs) का मूल्यांकन करना होता है।
SSB के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि चयनित उम्मीदवार भविष्य में सेना, नौसेना या वायु सेना में एक सक्षम अधिकारी के रूप में जिम्मेदारियां निभा सके।
इसका उद्देश्य केवल उम्मीदवार के ज्ञान की जांच करना नहीं, बल्कि उसके व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता, आत्मविश्वास, टीमवर्क और Officer Like Qualities (OLQs) का मूल्यांकन करना होता है।
SSB के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि चयनित उम्मीदवार भविष्य में सेना, नौसेना या वायु सेना में एक सक्षम अधिकारी के रूप में जिम्मेदारियां निभा सके।
अन्य परीक्षाओं और इंटरव्यू से क्यों अलग
लिखित परीक्षा जहां उम्मीदवार की शैक्षणिक क्षमता को परखती है, वहीं SSB उसकी मानसिक, भावनात्मक और व्यवहारिक क्षमताओं का आकलन करता है।
यह पांच दिनों की विस्तृत प्रक्रिया होती है जिसमें मनोवैज्ञानिक परीक्षण, समूह कार्य, व्यक्तिगत साक्षात्कार और विभिन्न नेतृत्व आधारित गतिविधियों के माध्यम से उम्मीदवार का समग्र मूल्यांकन किया जाता है।
SSB को भारतीय सेनाओ में अधिकारी चयन की रीढ़ माना जाता है।
यह प्रक्रिया भारतीय सशस्त्र बलों को ऐसे अधिकारी प्रदान करती है जो कठिन परिस्थितियों में भी सही निर्णय ले सकें, अपनी टीम का नेतृत्व कर सकें और देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभा सकें।
यह केवल एक इंटरव्यू नहीं, बल्कि उम्मीदवार के संपूर्ण व्यक्तित्व का मूल्यांकन करने वाली बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया है।
SSB चयन प्रक्रिया
SSB चयन प्रक्रिया कुल 5 दिनों तक चलती है। इसे मुख्य रूप से दो स्टेज में विभाजित किया गया है।
स्टेज-I में केवल पहला दिन शामिल होता है, जिसमें स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किया जाता है।
स्क्रीनिंग के भी दो भाग होते हैं।
जो उम्मीदवार स्टेज-I को सफलतापूर्वक पास कर लेते हैं, उन्हें स्टेज-II में जाने की अनुमति मिलती है।
स्टेज-II के अंतर्गत शेष चार दिनों की चयन प्रक्रिया आयोजित की जाती है। इस चरण में मनसा, वाचा और कर्मणा (विचार, वाणी और कार्य) के आधार पर उम्मीदवार के व्यक्तित्व का मूल्यांकन किया जाता है।
इसके अंतर्गत
- मनोवैज्ञानिक परीक्षण (Psychology Tests)
- GTO (Group Testing Officer) कार्य तथा
- व्यक्तिगत साक्षात्कार (Personal Interview) शामिल होते हैं।
Officer Like Qualities (OLQs) क्या हैं?
आपने देखा होगा कि SSB में उम्मीदवारों की Officer Like Qualities (OLQs) का मूल्यांकन किया जाता है।
इसलिए यह समझना जरूरी है कि OLQs क्या हैं और चयन प्रक्रिया में इनका इतना महत्व क्यों है।
OLQs का महत्व
वास्तव में, SSB इंटरव्यू के पहले दिन से ही मूल्यांकनकर्ता उम्मीदवारों के व्यवहार, व्यक्तित्व और प्रतिक्रियाओं का अवलोकन करना शुरू कर देते हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनमें एक सैन्य अधिकारी के लिए आवश्यक Officer Like Qualities मौजूद हैं या नहीं।
SSB में उम्मीदवारों के व्यक्तित्व का मूल्यांकन Officer Like Qualities (OLQs) के आधार पर किया जाता है।
OLQs की संख्या और वर्गीकरण
SSB में उम्मीदवारों के व्यक्तित्व का मूल्यांकन Officer Like Qualities (OLQs) के आधार पर किया जाता है।
15 Officer Like Qualities (OLQs) को बेहतर ढंग से समझने और उनका मूल्यांकन करने के लिए चार प्रमुख कारकों (Factors) के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है।
नीचे दिया गया फ्लोचार्ट इन सभी गुणों और उनके वर्गीकरण को सरल रूप में दर्शाता है।

इन 15 OLQs के माध्यम से SSB उम्मीदवार के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और अधिकारी बनने की योग्यता का मूल्यांकन करता है।”
Stage-I (प्रथम चरण)

रिपोर्टिंग डे
SSB प्रक्रिया की शुरुआत रिपोर्टिंग डे से होती है। उम्मीदवार निर्धारित तिथि पर अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ SSB सेंटर पहुंचते हैं। वहां दस्तावेज़ सत्यापन किया जाता है और उम्मीदवारों को अगले कुछ दिनों की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाती
दस्तावेज़ों की जाँच एवं जमा करने के बाद प्रत्येक अभ्यर्थी को एक विशिष्ट Chest Number (चेस्ट नंबर) प्रदान किया जाता है, जो SSB प्रक्रिया के दौरान उसकी पहचान का मुख्य माध्यम होता है। आगे की सभी गतिविधियों, परीक्षणों और मूल्यांकन में अभ्यर्थी को उसके नाम के बजाय इसी चेस्ट नंबर से संबोधित किया जाता
स्क्रीनिंग टेस्ट
SSB चयन प्रक्रिया के पहले दिन स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य यह पहचानना होता है कि उम्मीदवार में अधिकारी बनने की आवश्यक क्षमताएँ और गुण मौजूद हैं या नहीं।
जिस प्रकार किसी दस्तावेज़ की जांच करके उसमें मौजूद त्रुटियों और महत्वपूर्ण जानकारियों का पता लगाया जाता है,
उसी प्रकार स्क्रीनिंग प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवार के व्यक्तित्व, सोच, बुद्धिमत्ता और Officer Like Qualities (OLQs) का मूल्यांकन किया जाता है।
OIR और PPDT जैसे परीक्षणों के माध्यम से यह देखा जाता है कि उम्मीदवार में एक सैन्य अधिकारी बनने की क्षमता और संभावनाएँ हैं या नहीं। इस प्रारंभिक मूल्यांकन के आधार पर योग्य उम्मीदवारों को SSB के अगले चरण के लिए चुना जाता हैं।
OIR (Officer Intelligence Rating) Test
उत्तर पुस्तिकाएँ (Answer Booklets
उम्मीदवारों को 2 अलग-अलग टेस्ट बुकलेट दी जाती हैं।
• एक वर्बल (Verbal) और एक नॉन-वर्बल (Non-Verbal) होती है।
वर्बल टेस्ट (Verbal Test)
लगभग 40–50 प्रश्न पूछे जाते हैं।
• प्रश्न भाषा, तर्कशक्ति, श्रृंखला, कोडिंग-डिकोडिंग आदि पर आधारित होते हैं।
• समय लगभग 17–22 मिनट होता है।
नॉन-वर्बल टेस्ट (Non-Verbal Test)
लगभग 40–50 प्रश्न पूछे जाते हैं।
• प्रश्न आकृतियों, पैटर्न और चित्रों पर आधारित होते हैं।
• समय लगभग 17–22 मिनट होता है।
कुल प्रश्न एवं समय
दोनों टेस्ट मिलाकर लगभग 80–100 प्रश्न होते हैं।
• कुल समय लगभग 35–45 मिनट होता है।
OIR ग्रेड
प्रदर्शन के आधार पर OIR ग्रेड निर्धारित किया जाता है।
• यह ग्रेड PPDT के साथ मिलकर स्क्रीनिंग परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
PPDT (Picture Perception and Discussion Test)
चित्र देखना (Picture Observation)
30 सेकंड के लिए एक धुंधली तस्वीर दिखाई जाती है।
• उम्मीदवार तस्वीर के पात्रों, स्थिति और माहौल को समझने का प्रयास करता है।
कहानी लिखना (Story Writing)
• तस्वीर के आधार पर एक छोटी और सकारात्मक कहानी लिखनी होती है।
• कहानी में स्थिति, समस्या और उसका समाधान शामिल होना चाहिए।
कहानी सुनाना (Story Narration)
प्रत्येक उम्मीदवार अपनी कहानी समूह के सामने सुनाता है।
• आत्मविश्वास और स्पष्ट अभिव्यक्ति पर ध्यान दिया जाता है।
समूह चर्चा (Group Discussion)
• सभी उम्मीदवार अपनी कहानियों पर चर्चा करते हैं।
• समूह मिलकर एक सामान्य और बेहतर कहानी बनाने का प्रयास करता है।
समूह कहानी प्रस्तुति (Group Story Narration)
समूह चर्चा के बाद सभी उम्मीदवार एक सामान्य कहानी पर सहमत होते हैं।
• इसके बाद समूह एक उम्मीदवार का चयन करता है, जो पूरे समूह की ओर से कहानी बोर्ड के सामने प्रस्तुत करता है।
• इस दौरान उसकी अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास और समूह के विचारों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है।
स्क्रीनिंग परिणाम (Screening Result)
स्क्रीनिंग रिजल्ट SSB के पहले दिन होने वाली Stage-I Screening Test का परिणाम होता है। OIR Test और PPDT की सभी गतिविधियाँ समाप्त होने के बाद चयन अधिकारी (Screening Officers) प्रत्येक उम्मीदवार के प्रदर्शन का मूल्यांकन करते हैं और यह निर्धारित करते हैं कि कौन-से उम्मीदवार आगे की चयन प्रक्रिया में भाग लेने के योग्य हैं।
स्क्रीनिंग रिजल्ट कैसे तैयार किया जाता है?
स्क्रीनिंग के दौरान उम्मीदवार के संपूर्ण प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है, जिसमें निम्नलिखित पहलू शामिल होते हैं:
• Officer Intelligence Rating (OIR) Test का प्रदर्शन
• PPDT में लिखी गई कहानी की गुणवत्ता
• Individual Narration के दौरान आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता
• Group Discussion में भागीदारी, सहयोग और तार्किक सोच
इन सभी पहलुओं के आधार पर स्क्रीनिंग बोर्ड उम्मीदवारों का समग्र आकलन करता है।
परिणाम की घोषणा कैसे होती है?
मूल्यांकन पूरा होने के बाद सभी उम्मीदवारों को एक हॉल या निर्धारित स्थान पर एकत्र किया जाता है। इसके बाद स्क्रीनिंग अधिकारी चयनित उम्मीदवारों के Chest Numbers घोषित करते हैं।
• जिन उम्मीदवारों के Chest Numbers पुकारे जाते हैं, वे Screened In कहलाते हैं।
• जिन उम्मीदवारों के Chest Numbers घोषित नहीं किए जाते, वे Screened Out कहलाते हैं।
यह SSB का पहला चयन चरण होता है, जो यह तय करता है कि कौन-से उम्मीदवार आगे की SSB प्रक्रिया में भाग लेंगे।
Screened In उम्मीदवारों के लिए आगे की प्रक्रिया
Screened In उम्मीदवारों को Stage-II के लिए रोक लिया जाता है। इसके बाद:
• दस्तावेजों का विस्तृत सत्यापन किया जाता है।
• आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएँ पूरी की जाती हैं।
• नए Chest Numbers आवंटित किए जा सकते हैं।
• उम्मीदवारों को Psychology Tests, GTO Tasks, Personal Interview और Conference जैसी आगामी गतिविधियों के लिए समूहों में विभाजित किया जाता है।
Screened Out उम्मीदवारों के लिए प्रक्रिया
जो उम्मीदवार Screened Out होते हैं, उन्हें आगे की चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाता। आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद उन्हें उसी दिन SSB केंद्र से वापस भेज दिया जाता है।
महत्वपूर्ण बात
स्क्रीनिंग केवल लिखित परीक्षा या कहानी लेखन के आधार पर नहीं होती। अधिकारी यह भी देखते हैं कि उम्मीदवार किसी परिस्थिति को कैसे समझता है, अपने विचार कितनी स्पष्टता से प्रस्तुत करता है, समूह में उसका व्यवहार कैसा है तथा वह चर्चा के दौरान नेतृत्व, सहयोग और निर्णय क्षमता का कितना प्रभावी प्रदर्शन करता है। इसलिए OIR Test, कहानी लेखन, Narration और Group Discussion सभी का महत्वपूर्ण योगदान होता
PIQ (Personal Information Questionnaire) Form
SSB की चयन प्रक्रिया का एक अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है। SSB में रिपोर्टिंग के बाद उम्मीदवारों को यह फॉर्म भरना होता है, जिसमें उनकी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक पृष्ठभूमि, खेल-कूद, उपलब्धियां, पुरस्कार, अतिरिक्त गतिविधियां, जिम्मेदारियां, रुचियां, शौक और परिवार से संबंधित विवरण शामिल होते हैं। यह फॉर्म उम्मीदवार के व्यक्तित्व की प्रारंभिक तस्वीर प्रस्तुत करता है और आगे होने वाले मूल्यांकन की आधारशिला माना जाता है।
Psychologist और Interviewing Officer (IO)—PIQ Form का अध्ययन करते हैं।
Psychologist उम्मीदवार के Psychological Tests के उत्तरों को PIQ में दी गई जानकारी के साथ मिलाकर उसकी सोच और व्यक्तित्व को समझने का प्रयास करता है।
Interviewing Officer इसी फॉर्म के आधार पर Personal Interview के दौरान अधिकांश प्रश्न पूछता है l
PIQ Form में दी गई प्रत्येक जानकारी का महत्व होता है। उम्मीदवार ने कौन-से खेल खेले हैं, स्कूल या कॉलेज में कौन-सी जिम्मेदारियां निभाई हैं, उसकी रुचियां क्या हैं, उसने किन क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल की हैं और उसका पारिवारिक वातावरण कैसा है.
इन सभी पहलुओं से Assessors उम्मीदवार की Officer Like Qualities (OLQs) को समझने का प्रयास करते हैं। इसलिए इस फॉर्म को भरते समय किसी भी प्रकार की गलत जानकारी, अतिशयोक्ति या झूठ से बचना चाहिए।
क्योंकि PIQ Form ही आगे के Personal Interview और समग्र मूल्यांकन का आधार बनता है, इसलिए इसे ध्यानपूर्वक, स्पष्ट और पूरी ईमानदारी के साथ भरना आवश्यक है। उम्मीदवार द्वारा दी गई जानकारी और उसके व्यवहार, उत्तरों तथा प्रदर्शन में समानता होना SSB में सकारात्मक प्रभाव छोड़ता है।
Stage-II (द्वितीय चरण)
स्क्रीनिंग टेस्ट में सफल उम्मीदवार Stage-II में प्रवेश करते हैं। यह चरण अगले 4 दिनों तक चलता है, जिसमें उम्मीदवार के व्यक्तित्व और Officer Like Qualities (OLQs) का विस्तृत मूल्यांकन किया जाता है। इस चरण के प्रमुख भाग हैं:
• मनोवैज्ञानिक परीक्षण (Psychology Tests)
• GTO कार्य (Group Testing Officer Tasks)
• व्यक्तिगत साक्षात्कार (Personal Interview)
• कॉन्फ्रेंस (Conference)
इन सभी परीक्षणों के माध्यम से उम्मीदवार की सोच, व्यवहार, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और अधिकारी बनने की क्षमता का आकलन किया जाता है।
“दूसरे चरण (Stage-II) की प्रक्रिया लगभग 4 दिनों तक चलती है। इन दिनों में कौन-सा टेस्ट किस दिन होगा, यह निश्चित नहीं होता।
साइकोलॉजिकल टेस्ट (Psychology Test)

साइकोलॉजिकल टेस्ट के माध्यम से उम्मीदवार की सोच, व्यक्तित्व, निर्णय क्षमता तथा Officer Like Qualities (OLQs) का मूल्यांकन किया जाता है। इसमें निम्नलिखित चार परीक्षण शामिल होते हैं:
TAT (Thematic Apperception Test)
इस टेस्ट में कुल 12 चित्र दिखाए जाते हैं, जिनमें अंतिम चित्र खाली (Blank Slide) होता है। प्रत्येक चित्र 30 सेकंड के लिए दिखाया जाता है। इसके बाद उम्मीदवार को 4 मिनट में उस चित्र के आधार पर एक कहानी लिखनी होती है। कहानी में यह बताना होता है कि चित्र में क्या हो रहा है, मुख्य पात्र कौन है, वह क्या सोच रहा है, समस्या क्या है तथा उसका समाधान कैसे किया जाएगा।
WAT (Word Association Test)
इस टेस्ट में कुल 60 शब्द एक-एक करके स्क्रीन पर दिखाए जाते हैं। प्रत्येक शब्द 15 सेकंड के लिए दिखाई देता है। उम्मीदवार को उसी समय उस शब्द से संबंधित एक सार्थक और स्वाभाविक वाक्य लिखना होता है। इस टेस्ट से उम्मीदवार की सोच, दृष्टिकोण, मानसिक स्पष्टता तथा सकारात्मकता का मूल्यांकन किया जाता है।
SRT (Situation Reaction Test)
इस टेस्ट में 60 विभिन्न परिस्थितियाँ (Situations) दी जाती हैं। उम्मीदवार को 30 मिनट के भीतर अधिकतम परिस्थितियों के उत्तर लिखने होते हैं। प्रत्येक परिस्थिति में यह लिखना होता है कि वह उस स्थिति में क्या करेगा। इस टेस्ट से उम्मीदवार की निर्णय क्षमता, जिम्मेदारी, व्यावहारिक सोच तथा समस्या समाधान कौशल का आकलन किया जाता है।
SD (Self Description Test)
इस टेस्ट में उम्मीदवार को अपने व्यक्तित्व का वर्णन करना होता है। इसमें सामान्यतः पाँच पैराग्राफ लिखने होते हैं, जिनमें बताया जाता है कि ➤माता-पिता आपके बारे में क्या सोचते हैं,
➤ मित्र (कार्यरत उम्मीदवारों के
लिए सहकर्मी)आपके बारे में क्या सोचते हैं,
➤शिक्षक (या कार्यरत उम्मीदवारों के लिए वरिष्ठ ➤अधिकारी) आपके बारे में क्या सोचते हैं,
➤आप स्वयं अपने बारे में क्या सोचते हैं तथा भविष्य में अपने अंदर कौन-से सुधार करना चाहते हैं।
इस टेस्ट के माध्यम से उम्मीदवार की आत्म-जागरूकता, ईमानदारी, आत्मविश्लेषण तथा स्वयं को बेहतर बनाने की इच्छा का मूल्यांकन किया जाता है।
ग्रुप टेस्टिंग ऑफिसर (GTO) कार्य
SSB चयन प्रक्रिया का तीसरा चरण ग्रुप टेस्टिंग ऑफिसर (GTO) कार्य होता है। यह चरण लगभग दो दिनों तक चलता है,
जिसमें उम्मीदवारों की नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, संचार कौशल, निर्णय लेने की क्षमता, समस्या समाधान कौशल, पहल, आत्मविश्वास तथा शारीरिक सहनशक्ति का मूल्यांकन किया जाता है।
GTO कार्यों का उद्देश्य यह देखना होता है कि उम्मीदवार समूह में किस प्रकार कार्य करता है और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में स्वयं को कैसे प्रस्तुत करता है
ग्रुप डिस्कशन (GD)
ग्रुप डिस्कशन में सभी उम्मीदवारों को किसी एक विषय पर अपने विचार रखने होते हैं। आमतौर पर दो विषय दिए जाते हैं और पूरे ग्रुप के बीच चर्चा होती है। इस दौरान GTO यह देखता है कि आप अपनी बात कितनी स्पष्टता से रखते हैं, दूसरों को सुनते हैं या नहीं और ग्रुप में कैसे भाग लेते हैं। इस गतिविधि से Communication Skill, Confidence और Logical Thinking का आकलन किया जाता है।
ग्रुप प्लानिंग एक्सरसाइज (GPE)
इस गतिविधि में उम्मीदवारों को एक काल्पनिक स्थिति और उससे जुड़ी कई समस्याएँ दी जाती हैं। सबसे पहले सभी अपनी-अपनी योजना बनाते हैं, फिर पूरा ग्रुप मिलकर एक साझा समाधान तैयार करता है। GTO यह देखता है कि आप समस्या को कैसे समझते हैं, उसका समाधान कैसे निकालते हैं और टीम के साथ मिलकर कैसे काम करते हैं। इससे Planning Ability, Decision Making और Teamwork की जांच होती है।
प्रोग्रेसिव ग्रुप टास्क (PGT)
यह एक Outdoor Activity होती है जिसमें पूरे ग्रुप को कुछ बाधाएँ पार करनी होती हैं। इसके लिए रस्सी, लकड़ी का लट्ठा और तख्त जैसे संसाधन दिए जाते हैं। हर नई बाधा पहले से थोड़ी ज्यादा कठिन होती है। इस दौरान GTO उम्मीदवारों की Leadership, Initiative, Cooperation और Practical Intelligence को परखता है।
ग्रुप ऑब्स्टेकल रेस (Snake Race)
इसे Snake Race भी कहा जाता है। इसमें पूरा ग्रुप एक लंबी रस्सी या Snake को साथ लेकर अलग-अलग बाधाओं को पार करता है। यह गतिविधि काफी उत्साह और ऊर्जा से भरी होती है। इसका मुख्य उद्देश्य Team Spirit, Coordination, Physical Stamina और Group Cooperation को देखना होता है।
हाफ ग्रुप टास्क (HGT)
इस गतिविधि में बड़े ग्रुप को दो छोटे समूहों में बाँट दिया जाता है। इसके बाद दोनों समूहों को अलग-अलग बाधाएँ पार करनी होती हैं। छोटे ग्रुप में हर उम्मीदवार को अपनी बात रखने और योगदान देने का ज्यादा मौका मिलता है। इससे GTO प्रत्येक उम्मीदवार की Leadership और Participation को और बेहतर तरीके से देख पाता है।
लेक्चरेट (Lecturette)
इस गतिविधि में उम्मीदवार को कुछ विषय दिए जाते हैं, जिनमें से एक विषय चुनकर 3 मिनट तक बोलना होता है। बोलने से पहले तैयारी के लिए भी थोड़ा समय दिया जाता है। इससे उम्मीदवार का Confidence, Communication Skill, General Awareness और Public Speaking Ability चेक की जाती है।
इंडिविजुअल ऑब्स्टेकल्स (Individual Obstacles)
इसमें उम्मीदवार को तय समय के भीतर कई शारीरिक बाधाएँ पार करनी होती हैं, जैसे Jump, Balance, Climbing आदि। हर बाधा के अलग-अलग अंक होते हैं। इस गतिविधि से Physical Fitness, Courage, Determination और Self-Confidence का मूल्यांकन किया जाता है।
कमांड टास्क (Command Task)
इस गतिविधि में उम्मीदवार को Commander की भूमिका दी जाती है। उसे कुछ साथियों और उपलब्ध संसाधनों की मदद से एक बाधा को पार करने का समाधान निकालना होता है। यहाँ GTO यह देखता है कि उम्मीदवार टीम को कैसे Lead करता है, निर्णय कैसे लेता है और दबाव में कितना प्रभावी रहता है
फाइनल ग्रुप टास्क (FGT)
यह GTO Series की आखिरी गतिविधि होती है। इसमें पूरा ग्रुप मिलकर एक अंतिम बाधा को पार करता है। यह कार्य काफी हद तक PGT जैसा होता है, लेकिन इसका उद्देश्य पूरे GTO प्रदर्शन का अंतिम आकलन करना होता है। इससे Teamwork, Cooperation और Group Contribution को एक बार फिर देखा जाता है।
GTO Tasks के माध्यम से उम्मीदवार की टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और कठिन परिस्थितियों में प्रदर्शन का आकलन किया जाता है।
इन सभी गतिविधियों के बाद चयन प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में प्रवेश करती है। अब उम्मीदवार का व्यक्तिगत मूल्यांकन किया जाता है, जो कि कॉन्फ्रेंस (Conference) के रूप में आयोजित होता है
पर्सनल इंटरव्यू (Personal Interview)

पर्सनल इंटरव्यू SSB की दूसरी स्टेज का एक महत्वपूर्ण भाग है। इसका कोई निश्चित दिन नहीं होता, इसलिए इंटरव्यूइंग ऑफिसर (IO) आपको किसी भी दिन और किसी भी समय इंटरव्यू के लिए बुला सकता है।
इस इंटरव्यू का मुख्य उद्देश्य उम्मीदवार के अंदर मौजूद Officer Like Qualities (OLQs) को परखना होता है। इंटरव्यू के दौरान अधिकारी यह समझने की कोशिश करता है कि उम्मीदवार में सेना का अधिकारी बनने के लिए आवश्यक गुण हैं या नहीं।
इंटरव्यू में मुख्य रूप से निम्न विषयों से संबंधित जानकारी ली जाती है:
पारिवारिक पृष्ठभूमि –
परिवार के सदस्यों, उनके कार्य और पारिवारिक माहौल के बारे में।
शिक्षा और पढ़ाई –
स्कूल, कॉलेज, पसंदीदा विषय, अंक तथा शैक्षणिक प्रदर्शन के बारे में।
दोस्त और सामाजिक जीवन –
आपके मित्र, उनके साथ संबंध और समूह में आपकी भूमिका के बारे में।
रुचियाँ और शौक –
खाली समय में की जाने वाली गतिविधियाँ, खेल और अन्य रुचियों के बारे में।
दैनिक दिनचर्या –
आपके दिनभर के कार्य, समय प्रबंधन और जीवनशैली के बारे में।
सामान्य ज्ञान और वर्तमान घटनाएँ –
देश, दुनिया और भारतीय सशस्त्र बलों से संबंधित सामान्य जानकारी के बारे में।
इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवार से स्वाभाविक, ईमानदार और आत्मविश्वासपूर्ण उत्तरों की अपेक्षा की जाती
कॉन्फ्रेंस (Conference)

पांचवां दिन एसएसबी प्रक्रिया का अंतिम चरण होता है और अधिकांश उम्मीदवारों के लिए सबसे यादगार दिन भी माना जाता है।
इस दिन कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाती है, जिसमें मनोवैज्ञानिक, GTO और इंटरव्यू अधिकारी मिलकर प्रत्येक उम्मीदवार के संपूर्ण प्रदर्शन की समीक्षा करते हैं।
कॉन्फ्रेंस के दौरान उम्मीदवार को बोर्ड के सामने बुलाया जाता है और उससे उसके अनुभव या सामान्य विषयों से संबंधित कुछ संक्षिप्त प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
इसके बाद अंतिम परिणाम घोषित किए जाते हैं। जिन उम्मीदवारों का चयन होता है, उन्हें आगे की मेडिकल जांच और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी जाती है
मेडिकल परीक्षा (Medical Examination)

मेडिकल टेस्ट का उद्देश्य
जो उम्मीदवार SSB में Recommended हो जाते हैं, उन्हें मेडिकल परीक्षा के लिए भेजा जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि उम्मीदवार शारीरिक और मानसिक रूप से सशस्त्र बलों में सेवा देने के लिए पूरी तरह फिट है या नहीं।
मेरिट लिस्ट और जॉइनिंग लेटर
SSB और मेडिकल परीक्षा पास करने के बाद भी उम्मीदवार का चयन सीधे नहीं होता। सभी योग्य उम्मीदवारों की एक मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है। यह मेरिट लिस्ट लिखित परीक्षा और SSB में उम्मीदवार के प्रदर्शन के आधार पर बनाई जाती है। अंतिम चयन उपलब्ध सीटों और उम्मीदवार की मेरिट के अनुसार किया जाता है।
मेरिट लिस्ट कैसे बनती है
मेरिट लिस्ट पूरे देश के उम्मीदवारों को ध्यान में रखकर बनाई जाती है, इसलिए इसे ऑल इंडिया मेरिट कहा जाता है। केवल SSB और मेडिकल पास कर लेना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उम्मीदवार का मेरिट लिस्ट में आवश्यक स्थान पर होना भी जरूरी है। यदि सीटों की संख्या कम है और मेरिट कम रहती है, तो मेडिकल फिट और Recommended होने के बावजूद चयन नहीं हो पाता।
ऑल इंडिया मेरिट का महत्व
मेरिट लिस्ट पूरे देश के उम्मीदवारों को ध्यान में रखकर बनाई जाती है, इसलिए इसे ऑल इंडिया मेरिट कहा जाता है। केवल SSB और मेडिकल पास कर लेना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उम्मीदवार का मेरिट लिस्ट में आवश्यक स्थान पर होना भी जरूरी है। यदि सीटों की संख्या कम है और मेरिट कम रहती है, तो मेडिकल फिट और Recommended होने के बावजूद चयन नहीं हो पाता।
जॉइनिंग लेटर और ट्रेनिंग अकादमी आवंटन
जब अंतिम मेरिट लिस्ट जारी हो जाती है, तब चयनित उम्मीदवारों को जॉइनिंग लेटर भेजा जाता है। इस लेटर में ट्रेनिंग शुरू होने की तारीख, रिपोर्टिंग से जुड़ी जानकारी और अन्य आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं।
उम्मीदवार जिस एंट्री के माध्यम से चयनित हुआ है, उसके अनुसार उसे संबंधित प्रशिक्षण अकादमी आवंटित की जाती है। उदाहरण के लिए NDA के उम्मीदवारों को में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है, जबकि अन्य एंट्री के उम्मीदवारों को उनकी संबंधित सैन्य अकादमी आवंटित की जाती है। जॉइनिंग लेटर प्राप्त होने के बाद उम्मीदवार का अधिकारी बनने का प्रशिक्षण औपचारिक रूप से शुरू हो जाता है।
SSB में सफलता के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
SSB में केवल ज्ञान या रटे हुए जवाब नहीं देखे जाते, बल्कि आपके व्यक्तित्व का मूल्यांकन किया जाता है। इसलिए नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी, आत्मविश्वास, ईमानदारी, टीमवर्क, निर्णय लेने की क्षमता और सकारात्मक सोच जैसे Officer Like Qualities (OLQs) विकसित करने पर ध्यान दें। इन गुणों को किसी कोर्स से नहीं बल्कि अपनी दैनिक आदतों और व्यवहार से बेहतर बनाया जा सकता है।
स्क्रीनिंग टेस्ट
स्क्रीनिंग टेस्ट SSB का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है क्योंकि इसी दिन बड़ी संख्या में उम्मीदवार बाहर हो जाते हैं। OIR टेस्ट के लिए नियमित रूप से रीजनिंग और मानसिक क्षमता के प्रश्नों का अभ्यास करें। PPDT के लिए चित्र देखकर कहानी बनाना, मुख्य बिंदु पहचानना और समूह चर्चा में अपनी बात स्पष्ट रूप से रखना सीखें।
Psychology Test की तैयारी
Psychology Test में आपके व्यक्तित्व और सोचने के तरीके को परखा जाता है। TAT, WAT, SRT और SDT जैसे टेस्ट में स्वाभाविक और सकारात्मक सोच दिखाना महत्वपूर्ण होता है। किसी और के जवाब याद करने के बजाय अपनी वास्तविक सोच और अनुभवों के आधार पर उत्तर देने का अभ्यास करें।
GTO Tasks की तैयारी
GTO Tasks में आपकी टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल और व्यावहारिक सोच को देखा जाता है। समूह चर्चा, समूह योजना अभ्यास, बाधा दौड़ और विभिन्न आउटडोर कार्यों में सक्रिय भाग लेने की आदत विकसित करें। हमेशा टीम के साथ मिलकर काम करें और दूसरों को भी अपनी बात रखने का अवसर दें
Personal Interview की तैयारी
पर्सनल इंटरव्यू के लिए सबसे पहले अपने बारे में पूरी जानकारी रखें। परिवार, पढ़ाई, दोस्तों, शौक, उपलब्धियों, कमजोरियों और भविष्य के लक्ष्यों से जुड़े प्रश्नों की तैयारी करें। PIQ Form में दी गई जानकारी को अच्छी तरह समझ लें क्योंकि अधिकांश प्रश्न उसी के आधार पर पूछे जाते हैं। इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास के साथ ईमानदारी से जवाब दें।
SSB में होने वाली सामान्य गलतियाँ
कई उम्मीदवार SSB में चयन न होने का कारण अपनी छोटी-छोटी गलतियों को बनाते हैं। झूठ बोलना, रटे हुए जवाब देना, दूसरों की नकल करना, समूह चर्चा में जरूरत से ज्यादा बोलना या बिल्कुल चुप रहना, इंटरव्यू में बनावटी व्यवहार करना और घबराहट में गलत निर्णय लेना आम गलतियाँ हैं। SSB में सबसे अच्छा तरीका यही है कि आप स्वाभाविक रहें, ईमानदारी से प्रदर्शन करें और हर गतिविधि में पूरे आत्मविश्वास के साथ भाग लेंl
पर्सनल इंटरव्यू के लिए सबसे पहले अपने बारे में पूरी जानकारी रखें। परिवार, पढ़ाई, दोस्तों, शौक, उपलब्धियों, कमजोरियों और भविष्य के लक्ष्यों से जुड़े प्रश्नों की तैयारी करें। PIQ Form में दी गई जानकारी को अच्छी तरह समझ लें क्योंकि अधिकांश प्रश्न उसी के आधार पर पूछे जाते हैं।
इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास के साथ ईमानदारी से जवाब दें।कई उम्मीदवार SSB में चयन न होने का कारण अपनी छोटी-छोटी गलतियों को बनाते हैं। झूठ बोलना, रटे हुए जवाब देना, दूसरों की नकल करना, समूह चर्चा में जरूरत से ज्यादा बोलना या बिल्कुल चुप रहना, इंटरव्यू में बनावटी व्यवहार करना और घबराहट में गलत निर्णय लेना आम गलतियाँ हैं। SSB में सबसे अच्छा तरीका यही है कि आप स्वाभाविक रहें, ईमानदारी से प्रदर्शन करें और हर गतिविधि में पूरे आत्मविश्वास के साथ भाग लेंl
SSB Interview FAQ
Q1. NDA SSB में Personal Interview क्या होता है?
उत्तर: Personal Interview SSB का एक महत्वपूर्ण चरण होता है, जिसमें Interviewing Officer (IO) उम्मीदवार से आमने-सामने बातचीत करता है। इस दौरान उम्मीदवार की personality, honesty, confidence, communication skills, leadership potential, decision-making ability, responsibility, family background, education, hobbies, achievements और future goals के बारे में जानकारी ली जाती है। Interview का मुख्य उद्देश्य यह समझना होता है कि उम्मीदवार में एक सैन्य अधिकारी बनने के लिए आवश्यक Officer Like Qualities (OLQs) हैं या नहीं।
Q2. PIQ Form क्या होता है?
उत्तर: PIQ Form वह दस्तावेज़ होता है जिसे उम्मीदवार SSB के शुरुआती दिनों में भरता है। इसमें उसकी personal details, educational record, sports, achievements, hobbies, responsibilities और extracurricular activities की जानकारी होती है। Interviewing Officer इसी Form के आधार पर अधिकांश प्रश्न पूछता है। इसलिए PIQ Form को पूरी ईमानदारी और सावधानी से भरना बहुत महत्वपूर्ण होता है।
Q3. Rapid Fire Questions क्या होते हैं?
उत्तर: Rapid Fire Questions में Interviewing Officer एक साथ कई प्रश्न पूछता है, जिन्हें उम्मीदवार को क्रम से याद रखकर उत्तर देना होता है। इन प्रश्नों का उद्देश्य उम्मीदवार की memory, concentration, confidence, presence of mind और pressure handling ability को परखना होता है। यह देखा जाता है कि उम्मीदवार दबाव में कितना शांत और व्यवस्थित रह सकता है।
Q4. SSB Interview में किन विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं?
उत्तर: SSB Interview में परिवार, मित्र, शिक्षा, स्कूल-कॉलेज जीवन, खेल, शौक, जिम्मेदारियाँ, उपलब्धियाँ, सामान्य ज्ञान, वर्तमान घटनाएँ, सेना में शामिल होने का कारण, strengths, weaknesses और जीवन के अनुभवों से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रश्नों का उद्देश्य उम्मीदवार के वास्तविक व्यक्तित्व को समझना होता है।
Q5. अच्छा प्रदर्शन करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात क्या है?
उत्तर: SSB Interview में सफलता के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है कि उम्मीदवार स्वाभाविक, ईमानदार और आत्मविश्वासी रहे। रटे हुए जवाब देने या किसी और की तरह बनने की कोशिश करने के बजाय अपने वास्तविक व्यक्तित्व को प्रस्तुत करना चाहिए। Interviewing Officer आपके ज्ञान से अधिक आपके सोचने के तरीके, व्यवहार और Officer Like Qualities का मूल्यांकन करता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
SSB केवल एक इंटरव्यू नहीं है, बल्कि यह आपकी पूरी व्यक्तित्व क्षमता का मूल्यांकन करने की प्रक्रिया है। यहां उम्मीदवार के ज्ञान से अधिक उसके नेतृत्व गुण, निर्णय लेने की क्षमता, जिम्मेदारी, टीमवर्क, आत्मविश्वास और व्यवहार को परखा जाता है।
SSB में सफलता पाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है कि आप स्वयं के प्रति ईमानदार रहें और स्वाभाविक व्यवहार करें। बनावटी व्यक्तित्व दिखाने की बजाय अपने वास्तविक विचार, अनुभव और गुणों को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करना अधिक प्रभावी होता है।
यदि आप सही दिशा में तैयारी करते हैं, अपनी Officer Like Qualities (OLQs) को विकसित करते हैं और लगातार स्वयं को बेहतर बनाने का प्रयास करते हैं, तो SSB आपके लिए भारतीय सशस्त्र बलों में एक सफल सैन्य अधिकारी बनने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
